Tuesday, August 15, 2006

Nikla hu tujhe dhoondnay

निकला हु तुझे ढूंढने 

तेरे घर का पता मालूम होना, ज़रूरी नहीं,
तेरी  सांसों की महक ही काफी है, तुझे ढूंढने  के लिए


निकला घर से सिर्फ तेरा ख्याल लिए,
एक आरज़ू तुझसे मिलने की,

रह भी मालूम नहीं,
बस तेरी खुशबु ही काफी है तुझे ढूंढने के लिए


आरज़ू मुकम्मल हो, ये ज़रूरी नहीं,
एहसास से भी, काम चला लेगे हम,
वो ख्याल, मंज़िल से ज़यादा कीमती है
इस छोटी सी चाह की खबर है तुझे ढूंढने के लिए
तेरी खुशबु काफी है तुझे ढूंढने  के लिए

तुझसे रूबरू होकर क्या हाल होगे
उन फूलों  का महकना भी बेकार होगा
उन तीज साँसों का चलना भी बेशुमार होगा
चलते चलते इस ख्याल से वाक़िफ़ हु

बस तेरी खुशबु से तुझे  ढूंढने की कोशिश कर रहा हु

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